Wednesday, March 28, 2018

भ्रम

यदि आप अंधकार में हैं
तो स्वयं आपको
अंधकार से बाहर निकलने का प्रयास करना पड़ेगा,

अगर आप यह सोच रहे हैं
कि -
कोई कुदरती चमत्कार होगा, और आप बाहर निकल आयेंगें
तो यह, आपका भ्रम भी हो सकता है,

चलो कुछ देर के लिए हम यह मान भी लें
कि -
यह भ्रम नहीं है,

तो, सच्चाई तो यह भी है
कि -
कुदरती चमत्कारों की कोई समय सीमा नहीं होती
तो क्या, तब तक आप अंधकार में बैठे रहेंगें ??

- श्याम कोरी 'उदय'

Saturday, March 17, 2018

प्यार में ...

हर बार की तरह ...

इस बार भी
वो खामोशी से गुजर गए करीब से

पर ...
उन्ने कुछ कहा - मैनें कुछ सुना
ऐसा लगा ... दिल को .....

शायद ... ये भ्रम हो ..... ?

क्योंकि -
प्यार में ... अक्सर .... मन ही मन .....
बहुत कुछ कह देते हैं - बहुत कुछ सुन लेते हैं ... ??

Thursday, March 1, 2018

अब .. आगे ... तुम्हारी मर्जी ..... ?

आज .. इंकलाब की जरूरत नहीं है
कत्लेआम की है,

ये कलयुग है
यहाँ तर्कों से जीत नहीं होगी,

अगर जीतना है राक्षसों से .. पिशाचों से .. तो ...
तलवार उठानी ही पड़ेगी,

नहीं तो .. वे ... तुम्हारा खून पी-पी कर
तुम्हें .. हरा देंगें ... मार डालेंगें .....

अब .. आगे ... तुम्हारी मर्जी ..... ?

- श्याम कोरी 'उदय'

Saturday, February 17, 2018

वक्त

वक्त घसीट रहा है
हम, घिसटते जा रहे हैं

घिसटते-घिसटते ..
हम, थोड़ा-थोड़ा छिलते जा रहे हैं

इक दिन ..
हम, पूरी तरह छिल जायेंगें

वक्त .. चलते रहेगा ...

किसी-न-किसी को
हर क्षण ... घसीटते रहेगा .... ?

- श्याम कोरी 'उदय'

Saturday, February 10, 2018

किलेबंदी

अगर .. वो चमचे नहीं होते ...
तो ..
वो ...
साहब के गले के गमछे नहीं होते,

यही दस्तूर है
हुनर है

साहब ... यही किलेबंदी है ....
शह है ... मात है .... !!

- श्याम कोरी 'उदय'