Friday, January 11, 2019

10% आरक्षण .... इसमें संशय कैसा ?

जो लोग यह सोच रहे हैं कि आरक्षण की अधिकतम सीमा 50% है इसलिए जो 10% सीमा बढ़ाई गई है वह सुप्रीम कोर्ट से खारिज हो जाएगी ... उनका यह सोचना मात्र भ्रम है।

क्योंकि इस बार संविधान में संशोधन के साथ आरक्षण की सीमा बढ़ाई गई है / बढ़ाई जा रही है, इसलिए खारिज होने की संभावना नहीं के बराबर है।

यदि सरकार द्वारा कोई महत्वपूर्ण कानूनी चूक की गई होगी या की जा रही होगी, तब ही खारिज होने की संभावना है अन्यथा बिल्कुल नहीं .... लोग अपने अपने भ्रम दूर रख दें।

चिंता का विषय सिर्फ इतना है कि आर्थिक रूप से पिछड़े होने का जो आधार आठ लाख रुपये सालाना आय व पांच एकड़ जमीन का पैमाना रखा गया है या रखा जा रहा है, वह है ... क्योंकि .....

उक्त पैमाने पर .. जो वास्तविक रूप से आर्थिक गरीब हैं उन्हें न्याय मिल पायेगा अथवा नहीं, इसमें संशय है ?

उक्त संदर्भ में मेरा मानना तो यह है कि जिनकी सालाना आय तीन लाख से कम है तथा जमीन दो एकड़ से कम है उन्हें रखा जाना चाहिए .... ??

~ श्याम कोरी 'उदय'

2 comments:

शिवम् मिश्रा said...

ब्लॉग बुलेटिन की दिनांक 12/01/2019 की बुलेटिन, " १५६ वीं जयंती पर स्वामी विवेकानन्द जी को नमन “ , में आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

विकास नैनवाल said...

सही कह रहे हैं आप। आठ लाख सालाना आय तो एम पी साहब की भी होगी। भत्ते हटा दिये जाए तो वो भी इस आरक्षण का लाभ ले सकेंगे। तीन लाख से कम वालों को ही रखा जाना चाहिए था।